ईशांत ने जहीर को दिया श्रे


वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रहे दूसरे क्रिकेट टेस्ट में करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके छह विकेट लेने वाले भारतीय तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने इस कामयाबी का श्रेय जहीर खान से मिले टिप्स और आईपीएल के अनुभव को दिया।

ईशांत ने 22 बरस की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में 100 विकेट पूरे कर लिए। इस मुकाम तक पहुंचने वाले वह भारत के तीसरे और विश्व के पांचवें सबसे कम उम्र के गेंदबाज बन गए।

ईशांत ने कहा, ‘इतने छोटे से करियर में मैंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। जब आपका खराब दौर होता तो आपको कोई नहीं पूछता।’ उन्होंने कहा, ‘मैं जहीर का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने हमेशा मुझे फिटनेस की अहमियत के बारे में बताया। मैं कभी इसे संजीदगी से नहीं लेता था लेकिन अब मुझे पता चल गया है कि एक तेज गेंदबाज का फिट रहना कितना जरूरी है।’

ईशांत ने कहा, ‘मैंने किसी और की नकल करने की कोशिश की जिससे मेरी लय और रफ्तार बिगड़ गई। इस आईपीएल के बाद मैंने पाया कि मेरा शरीर थकता क्यों है और इस थकान से कैसे उबरना है। इतने मैच और यात्राओं से मैंने सीख लिया है कि कैसे अभ्यास करना है और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।’ अब ईशांत का लक्ष्य अपने वनडे करियर को दुरूस्त करना है।

ईशांत ने कहा, ‘वनडे क्रिकेट में बल्लेबाजी पावरप्ले और स्लॉग ओवरों में चतुराई भरी गेंदबाजी की जरूरत होती है। मैं कभी उतना चतुर नहीं था। अब मैं अपनी गेंदबाजी को समझ गया हूं और वनडे में भी वापसी करना चाहता हूं।’ ईशांत ने 33 टेस्ट में 33.36 की औसत से 102 विकेट लिए हैं। वहीं 47 वनडे में 5.73 की औसत से 64 विकेट चटकाए हैं।

उन्होंने मौजूदा टेस्ट में अपनी गेंदबाजी को सबसे अहम बताते हुए कहा, ‘यह मेरे सबसे महत्वपूर्ण स्पैल में से है। मुझे पता है कि हर बल्लेबाज पर कैसे काम करना है, कैसी गेंद फेंकनी है, हालात और प्रतिद्वंद्वी के अनुकूल खुद को कैसे ढालना है।’

उन्होंने कहा, ‘टेस्ट क्रिकेट मुझे इसलिए पसंद है क्योंकि इसमें वापसी की हमेशा गुंजाइश होती है। पहला स्पैल खराब होने पर दूसरे या तीसरे में वापसी हो सकती है। मुझे पता है कि खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आते ही हैं।’

अधिकांश भारतीय तेज गेंदबाज एक या दो साल के अंतरराष्ट्रीय करियर के बाद रफ्तार खो देते हैं लेकिन ईशांत के मामले में ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘तेजी और गेंदबाजी मेरी ताकत है। स्विंग के लिए मैं रफ्तार नहीं खोऊंगा।’

इस उपलब्धि पर ईशांत ने कहा जब मैंने खेलना शुरू किया था तो मैंने कल्पना भी नहीं की थी कि मैं यह उपलब्धि इतनी जल्दी हासिल कर पाऊंगा। वैसे भी पिछले पांच वर्षों में मैंने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। मुझे सफलता के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा है।

ईशांत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ प्रदर्शन को अपने करियर के लिए महत्वपूर्ण करार देते हुए कहा यह प्रदर्शन मेरे लिए बहुत महत्व रखता है। अब मैं सीख गया हूं कि बल्लेबाज को कैसे गेंद करनी है। हर गेंदबाज टेस्ट खेलना चाहता है और उसमें अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है।

उन्होंने कहा टेस्ट क्रिकेट की अच्छी बात यह है कि यदि आप पहले स्पेल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते तो आपके पास दूसरे या तीसरे स्पेल में वापसी का मौका होता है। ईशांत ने कहा मैंने अपनी गति और लय खो दी थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। टेस्ट में आपको धैर्य के साथ खेलना होता है और इसलिए इसे टेस्ट क्रिकेट कहा जाता है जहां आपके खेल के हर पहलू की परीक्षा होती है।

~ by bollywoodnewsgosip on July 1, 2011.

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