पुछल्ले बल्लेबाजों ने जिताया मैच


भारतीय कप्तान महेंद्रसिंह धोनी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में 63 रन की जीत के बाद निचले क्रम के बल्लेबाजों की जमकर सराहना की।

धोनी ने कहा कि हमारे निचले क्रम के बल्लेबाजों ने जब भी जरूरत पड़ी तब अपना योगदान दिया। मेरा हमेशा मानना है कि हमारे निचले क्रम के बल्लेबाज अच्छी बल्लेबाजी कर सकते हैं और इसके साथ ही मैं यह भी कहूंगा कि हमारे पार्ट टाइम गेंदबाज विकेट ले सकते हैं। हम अपने सभी 11 खिलाड़ियों को बल्लेबाज मानकर चलते हैं।

भारतीय कप्तान ने विशेषकर पहली पारी में सुरेश रैना और हरभजनसिंह के बीच की साझेदारी का जिक्र किया। रैना और हरभजन ने पहली पारी तब सातवें विकेट के लिए 146 रन की साझेदारी की जब भारत के छह विकेट 85 रन पर गिर गए थे।

इन दोनों की साझेदारी आखिर में मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। इसके अलावा दूसरी पारी में अमित मिश्रा (28) ने राहुल द्रविड़ के साथ नौवें विकेट के लिए 56 रन की साझेदारी की।

धोनी ने कहा कि तब स्थिति नाजुक बनी हुई थी। भज्जी ने वास्तव में रैना के साथ अच्छी बल्लेबाजी की और आखिर में यह साझेदारी अंतर पैदा कर गई। वह अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे प्रवीण कुमार के प्रदर्शन से खुश दिखे जिन्होंने मैच में छह विकेट लिए लेकिन स्पिनरों को उन्होंने अधिक आक्रामक रवैया अपनाने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि स्पिनरों ने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन वे अधिक आक्रामक गेंदबाजी कर सकते थे। वे थोड़ा बेहतर कर सकते थे लेकिन हवा चल रही थी और ऐसे में गेंदबाजी करना मुश्किल था।

भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टेस्ट मैच 28 जून से ब्रिजटाउन में खेला जाएगा जहां की पिच में थोड़ी उछाल रहती है। धोनी ने कहा क‍ि हम उस मैच के लिये तैयार हैं। अच्छी बात यह है कि हमारे कई खिलाड़ी एकदिवसीय टीम में थे और यहां की परिस्थितियों से वाकिफ हैं।

धोनी ने इसके साथ ही कहा कि चोटिल तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल अच्छी प्रगति कर रहा है और वह अगले टेस्ट मैच तक फिट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि वह अगले मैच के लिए उपलब्ध रहेगा।

वेस्टइंडीज के कप्तान डेरेन सैमी ने हार का ठीकरा अपने बल्लेबाजों के सिर फोड़ा। उन्होंने कहा कि फिर से साफ हो गया कि यदि हम अच्छी तरह से बल्लेबाजी करते हैं तो फिर मैच जीत सकते हैं। हमने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन हमें बल्लेबाजी में इकाई के तौर पर प्रदर्शन करने की जरूरत थी।

उन्होंने कहा कि जहां तक गेंदबाजों का सवाल है तो हमने पहली पारी में हरभजन के लिए अच्छी गेंदबाजी नहीं की लेकिन उसने भी सकारात्मक बल्लेबाजी की।

राहुल द्रविड़ ने दूसरी पारी में शतक जमाया जिसके लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने कहा कि बिना अभ्यास मैच के टेस्ट किकेट खेलना चुनौती होती है लेकिन आज टेस्ट मैचों को कार्यक्रम इतना कड़ा होता है कि आपको अभ्यास मैच खेलने को नहीं मिलते हैं। मैं पहली पारी में अपने शाट से थोड़ा निराश था लेकिन दूसरी पारी में भाग्य ने मेरा साथ दिया और मैंने उसका पूरा फायदा उठाया।

इससे पहले 2006 में जब इसी मैदान पर भारत ने वेस्टइंडीज को हराया तो तब भी द्रविड़ ही मैन ऑफ द मैच बने थे। उन्होंने कहा कि पांच साल पहले की पिच अधिक मुश्किल थी।

द्रविड़ ने कहा कि 2006 की पिच अधिक मुश्किल थी। यह टेस्ट क्रिकेट के लिए आदर्श विकेट था और इसके लिए ग्रांउड्समैन बधाई के पात्र हैं।

~ by bollywoodnewsgosip on June 24, 2011.

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