गद्दाफी ने दी ‘खूनी युद्ध’ की चेतावनी


लीबियाई नेता मुअम्मर गद्दाफी ने देश की सत्ता छोड़ने से इनकार करते हुए चेतावनी दी कि यदि कोई विदेशी हस्तक्षेप किया गया तो इसका नतीजा ‘खूनी युद्ध’ के रूप में निकलेगा जिसमें हजारों लीबियाई नागरिक मारे जाएँगे।

गद्दाफी ने दो हफ्ते पहले अपने खिलाफ शुरू हुए विद्रोह के बाद पहली बार एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम अमेरिका का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसका अंजाम खूनी युद्ध के रूप में निकलेगा और अमेरिका तथा नाटो के लीबिया में प्रवेश करने पर हजारों लीबियाई मारे जाएँगे। इस संबोधन का सरकारी टेलीविजन पर सीधा प्रसारण हुआ। गद्दाफी ने दावा किया कि सत्ता विरोधी प्रदर्शन लीबिया के तेल संसाधनों पर कब्जा जमाने के षड्यंत्र का हिस्सा हैं।

एक घंटे तक गद्दाफी ने कहा कि ईश्वर की कृपा से हम अंत तक अंतिम पुरुष और अंतिम महिला के जीवित रहने तक लड़ेंगे। लीबिया के लाखों लोग मेरा समर्थन करते हैं। उनका कहना है कि वे मेरे लिए मरने को तैयार हैं।

इस दौरान उनके समर्थक उनके पक्ष में नारेबाजी कर रहे थे और वे ‘अल्लाह मुअम्मर तथा लीबिया’ के गीत गा रहे थे। अपने संबोधन में गद्दाफी ने बार-बार दावा किया कि उनके 41 वर्ष पुराने शासन के खिलाफ विद्रोह भड़काने में अलकायदा का हाथ है।

गद्दाफी 41 साल पहले सैन्य विद्रोह के जरिए सत्ता पर कब्जा हुए थे। उन्होंने दो मार्च 1977 को इसे ‘पीपुल्स पॉवर’ घोषित किया।

गद्दाफी के बलों ने जहाँ विद्रोहियों के कब्जे से महत्वपूर्ण शहरों को छुड़ाने के लिए आक्रामक अभियान शुरू किया वहीं पीपुल्स पॉवर की 34वीं वषर्गांठ पर आयोजित एक जन समारोह में गद्दाफी अपने वफादारों के साथ शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि अलकायदा की स्लीपर इकाइयों इसके तत्वों ने धीरे-धीरे घुसपैठ की..और उन्होंने अचानक अल बाइदा में व्रिदोह शुरु कर दिया और स्लीपर सेल के जरिये बटालियन पर हमला कर पुलिस थानों से हथियार लूट लिए।

अपने भाषण के दौरान गद्दाफी ने बार-बार दोहराया कि उनके पद छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता है क्योंकि वह राष्ट्रपति नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मैं किस चीज को छोड़ूँ? मैं तो सिर्फ एक चिह्न हूँ। सत्ता तो जनता के हाथ में है। यह हमारे तेल के भंडारों पर कब्जा करने की साजिश है।

अंतराष्ट्रीय अलगाव के बीच गद्दाफी ने संयुक्त राष्ट्र और नाटो से आह्वान इस बात का पता लगाने के लिए किया है कि लीबिया में लोग किस प्रकार मारे गये और लीबिया में क्या हुआ।

उन्होंने लीबिया की घटनाओं के लिए विदेशी ताकतों को दोषी ठहराया और कहा कि यह उनके देश को उपनिवेश बनाने और तेल के भंडारों का कब्जा करने की एक साजिश है।

गद्दाफी ने कहा कि मैं यह बोलने की हिम्मत दिखा रहा हूँ कि आप यह बताएँ कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों की मौत कहाँ हुई। अमेरिका, फ्रांस और सभी जगह, अगर लोग सेना के भंडारों पर हमला कर हथियार लूटने की कोशिश करेंगे तो वे उन्हें मार देंगे।

गद्दाफी का यह बयान आज ऐसे समय में आया जब उन्होंने हथियारबंद सैनिकों को ब्रेगा कस्बे के तेल निर्यात टर्मिनल पर कब्जा जमाए विद्रोहियों से मुक्त कराने के लिए भेजा। इस बीच अमेरिकी युद्ध पोतों ने उत्तर अफ्रीकी देश के तट पर अपना मोर्चा जमा लिया है।

गद्दाफी के वफादार सैनिकों ने देश के पश्चिमोत्तर में महत्वपूर्ण कस्बे पर एक बार फिर अपना नियंत्रण कायम कर लिया हालाँकि विद्रोही अभी भी राजधानी त्रिपोली में मार्च करने की तैयारी कर रहे हैं।

टैंक और भारी हथियारों के साथ गद्दाफी ने अपने हथियारबंद लोगों को कारों में रवाना किया और जिन्होंने विद्रोहियों के कब्जे वाले ब्रेगा पर धावा बोल दिया। इसके साथ ही गद्दाफी के रूस निर्मित युद्धक विमानों ने निकटस्थ अजदाबिया पर बम बरसाए।

हालाँकि शुरुआत में गद्दाफी के सैनिकों ने कस्बे पर दोबारा नियंत्रण पाने में सफलता हासिल कर ली, लेकिन बाद में पड़ोसी अजदाबिया से आए विद्रोहियों की भारी भीड़ ने उन्हें खदेड़ दिया।

अपने घंटे भर के भाषण में गद्दाफी ने कहा कि दुनिया लीबियाई तंत्र को नहीं समझती जिसमें सत्ता जनता के हाथों में होती है। उन्होंने कहा कि लोग उस शासक का चुनाव करने के लिए स्वतंत्र हैं, जिन्हें वे सही समझते हैं।

Msn India

~ by bollywoodnewsgosip on March 3, 2011.

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