प्रदर्शनकारियों का शहर पर नियंत्रण


गद्दाफी देश छोड़कर भागा
लीबिया के सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने देश के कई शहरों पर नियंत्रण कर लिया और पहली बार राजधानी त्रिपोली तक पहुँच गए। इस तरह की खबरें आ रही हैं कि देश के नेता मुअम्मर गद्दाफी देश छोड़कर भाग गए हैं।

चार दशकों से चल रहे गद्दाफी की सरकार के खिलाफ लोगों का असंतोष बढ़ता जा रहा है। सरकार ने भी प्रदर्शनकारियों का दमन शुरू कर दिया है। सरकारी टेलीविजन ने खबर दी कि लीबिया के सुरक्षा बलों ने ‘आतंकवादियों के गढ़’ के खिलाफ अभियान शुरू किया है।

इस तरह की भी खबरें हैं कि कुछ सैन्य विमानों ने राजधानी त्रिपोली में प्रदर्शनकारियों पर ऊपर से गोलीबारी की। उत्तरी अफ्रीका के इस तेल संपन्न राष्ट्र में सभी वायरलेस संचारों के भी काटे जाने की खबर है।

ह्यूमन राइट्स वॉच के मुताबिक पाँच दिनों की हिंसा में कम से कम 223 लोग मारे गए हैं, लेकिन कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूहों का कहना है कि हिंसा में 400 लोग मारे गए हैं। दुनिया भर से धैर्य बनाए रखने की अपील के बीच गद्दाफी के 68 वर्षीय बेटे ने विद्रोह के खिलाफ ‘अंतिम आदमी’ तक लड़ने की कसम खाई और प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी कि लीबिया न तो ट्यूनीशिया है और न ही मिस्र।

सैफ अल इसलाम गद्दाफी ने कहा कि हम जीवित बचे अंतिम आदमी तक लड़ाई जारी रखेंगे यहाँ तक कि अंतिम महिला से भी। हम लीबिया को न तो इटली वालों के लिए या न ही तुर्की वालों के लिए छोड़ेंगे। पूर्वी शहर बेन गाजी में कई दिनों की हिंसा के बाद पहली बार राजधानी के लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। सैफ टेलीविजन पर आए और कहा कि सरकार आखिरी दम तक लड़ेगी।

भारतीय राजनयिकों ने पद छोड़ा : प्रदर्शनकारियों पर दमन बढ़ने के साथ लीबिया के न्याय मंत्री मुस्तफा अब्देलजलील ने बल के अत्यधिक इस्तेमाल के विरोध में इस्तीफा दे दिया, जबकि विरोध में चीन में लीबिया के राजनयिक और भारत में लीबिया के राजदूत ने भी पद छोड़ दिया। संयुक्त राष्ट्र में लीबिया के राजनयिक ने शासन पर नरसंहार करने का आरोप लगाया।

चीन में लीबिया के वरिष्ठ राजनयिक हुसैन सादिक अल मुसरती ने पद से इस्तीफा दे दिया और सभी राजनयिक कर्मचारियों को भी पद छोड़ने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि गद्दाफी ने संभवत: लीबिया छोड़ दिया होगा।

ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने कहा कि गद्दाफी संभवत: वेनेजुएला चले गए होंगे और कहा कि सूचनाओं के मुताबिक वह वेनेजुएला की ओर जा रहे हैं। बहरहाल वेनेजुएला ने इस बात से इनकार किया कि गद्दाफी उनके देश में आ रहे हैं और सरकारी सूत्रों ने कहा कि उनसे या उनके प्रशासन से ‘कोई संपर्क’ नहीं हुआ है। बेन गाजी से शुरू हुए विद्रोह के बाद सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी त्रिपोली की सड़कों पर उतर आए। बेन गाजी में गद्दाफी की पकड़ परंपरागत रूप से कमजोर रही है।

अल जजीरा ने खबर दी है कि कबाइली नेता भी गद्दाफी के खिलाफ हो गए हैं, जबकि सेना की कुछ इकाइयाँ विरोधियों के पक्ष में चली गईं।

Msn  India

~ by bollywoodnewsgosip on February 22, 2011.

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